PMEGP लोन – नई इकाई पर सरकारी सब्सिडी
प्रधानमंत्री रोज़गार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) KVIC के ज़रिए बैंकों से नई सूक्ष्म इकाइयों को लोन दिलाता है। प्रोजेक्ट लागत का एक हिस्सा मार्जिन मनी सब्सिडी के रूप में मिलता है, जो तीन साल बाद लोन में समायोजित हो जाता है।
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सब्सिडी कितनी
- सामान्य वर्ग: शहरी क्षेत्र 15%, ग्रामीण 25%
- विशेष वर्ग (SC/ST, OBC, महिला, अल्पसंख्यक, पूर्व सैनिक, दिव्यांग आदि): शहरी 25%, ग्रामीण 35%
- अपना हिस्सा: सामान्य वर्ग 10%, विशेष वर्ग 5%
- बाकी रकम बैंक लोन – बिना collateral
कौन ले सकता है
- 18 वर्ष से ऊपर कोई भी व्यक्ति, SHG, ट्रस्ट या सहकारी संस्था – सिर्फ़ नई इकाई के लिए
- प्रोजेक्ट लागत: manufacturing में ₹50 लाख तक, service में ₹20 लाख तक
- ₹10 लाख से ऊपर manufacturing और ₹5 लाख से ऊपर service प्रोजेक्ट के लिए कम से कम आठवीं पास
- शुद्ध ट्रेडिंग और नकारात्मक सूची वाले काम शामिल नहीं; परिवार में एक ही व्यक्ति
ज़रूरी दस्तावेज़
- प्रोजेक्ट रिपोर्ट
- आधार, PAN; जहाँ लागू हो जाति या वर्ग प्रमाण पत्र
- शैक्षिक प्रमाण पत्र
- किराया अनुबंध या ज़मीन के कागज़
हमारे क्रेडिट पैनल की सलाह
- आवेदन KVIC के PMEGP पोर्टल पर करें, सीधे बैंक में नहीं
- छोटी EDP ट्रेनिंग ज़रूर पूरी करें – उसके बिना सब्सिडी जारी नहीं होती
- प्रोजेक्ट रिपोर्ट ऐसी बनवाएँ जो बैंक के मूल्यांकन में टिके – यहीं ज़्यादातर फ़ाइलें अटकती हैं
- इकाई तीन साल चलती रहे तभी सब्सिडी लोन में समायोजित होती है
आम सवाल
PMEGP में कितनी सब्सिडी मिलती है?
वर्ग और क्षेत्र (शहरी या ग्रामीण) के अनुसार प्रोजेक्ट लागत का 15% से 35%।
क्या PMEGP लोन पर गारंटी देनी होती है?
नहीं। RBI के नियम के अनुसार ₹20 लाख तक के लोन बिना collateral हैं, और योजना क्रेडिट गारंटी से कवर है।
प्रोजेक्ट रिपोर्ट कौन बनाएगा?
हमारे पैनल के चार्टर्ड अकाउंटेंट बैंक के हिसाब से प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करते हैं।
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